मेटलवर्किंग और मशीनिंग
कटिंग, मशीनिंग और फ़ैब्रिकेशन शॉप के लिए: तेज़ी से कोटेशन बनाएँ, असली मशीन कैपेसिटी शेड्यूल करें और हर जॉब की लागत का सही हिसाब रखें।
मेटलवर्किंग शॉप में मिले-जुले बैच साइज़, बार-बार चेंजओवर और रिलीज़ होने के बाद बदलने वाले ऑर्डर आम बात हैं। शीट, बार और प्रोफ़ाइल स्टॉक एक यूनिट में ख़रीदा जाता है और दूसरी यूनिट में खपत होता है, मशीन कैपेसिटी असमान होती है, और किसी जॉब की असली लागत आमतौर पर शिप होने के बाद ही पता चलती है।
factory.online कटिंग, मशीनिंग और फ़ैब्रिकेशन शॉप को कोटेशन, प्लानिंग और कॉस्ट कंट्रोल के लिए एक ही सिस्टम देता है।
अंदाज़े से नहीं, असली रूटिंग से कोटेशन
हर पार्ट के साथ उसका मटीरियल, ऑपरेशन और सेटअप टाइम जुड़ा होता है, इसलिए कोटेशन उसी काम से बनता है जो वास्तव में होगा। रिपीट ऑर्डरों का कोटेशन मिनटों में दोबारा बनता है, और क़ीमत भेजने से पहले ही मार्जिन दिख जाता है।
उन्हीं मशीनों को शेड्यूल करें जो सच में आपके पास हैं
ऑपरेशन हर वर्क सेंटर — कटिंग, CNC, वेल्डिंग, फ़िनिशिंग — पर असली कैलेंडर, शिफ़्ट और मेंटेनेंस विंडो के हिसाब से शेड्यूल होते हैं। बॉटलनेक और ओवरलोड कई दिन पहले दिख जाते हैं, इसलिए वादा की गई तारीख़ें खिसकती नहीं, टिकी रहती हैं।
अलग-अलग यूनिटों में मटीरियल का सही हिसाब
स्टॉक आपकी अपनी यूनिटों में रखा जाता है: पीस, मीटर, किलोग्राम। इश्यू, ऑफ़कट और रेम्नेंट मशीन पर ही दर्ज होते हैं, इसलिए नेस्टिंग प्लान, वेयरहाउस और कॉस्ट कैलकुलेशन आपस में मेल खाते हैं।
काम चलते-चलते हर जॉब की लागत देखें
काम आगे बढ़ने के साथ मटीरियल, लेबर, सबकॉन्ट्रैक्टिंग और मशीन टाइम ऑर्डर पर जुड़ते जाते हैं। हर जॉब पर प्लान्ड बनाम एक्चुअल की तुलना होती है, इसलिए घाटे वाला काम महीने के अंत में नहीं, प्रोडक्शन के दौरान ही पकड़ में आता है।
आम नतीजे
जो शॉप अपनी प्लानिंग factory.online पर ले आते हैं, वे कोटेशन का समय घटाते हैं, वर्क-इन-प्रोग्रेस कम करते हैं, ग़लत कट से होने वाला स्क्रैप घटाते हैं, और ग्राहकों के सबसे आम सवाल — “माल कब तैयार होगा” — का वास्तविक जवाब दे पाते हैं।